Trump vs Iran: क्या शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध? F-15 पायलट का फिल्मी रेस्क्यू और NATO पर ट्रंप का गुस्सा

Trump vs Iran F15 Pilot Rescue News Logic
Trump vs Iran F15 Pilot Rescue News Logic

 The News Logic (Special Report): वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों और सैन्य कार्रवाइयों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस तनाव के बीच एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ है जिसने अमेरिकी सैन्य ताकत की नई मिसाल पेश की है।

ईरान को ट्रंप का 'पाषाण युग' वाला अल्टीमेटम

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वह उनकी शर्तों को नहीं मानता, तो उसके सभी पुलों और पावर प्लांट्स को तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप का मुख्य उद्देश्य ईरान की बिजली सप्लाई को ठप करना है ताकि वहां की जनता अपनी ही सरकार और IRGC (ईरानी सेना) के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि ईरान को 'पाषाण युग' (Stone Age) में पहुंचा दिया जाएगा।

इजराइल का दबाव और ईरान का पलटवार

इस युद्ध जैसी स्थिति में इजराइल ने भी ट्रंप पर दबाव बढ़ा दिया है। इजराइल ने ऐलान किया है कि वह ईरान के रेलवे नेटवर्क और ट्रेनों को निशाना बनाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने भी धमकी दी है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से भारी जुर्माना वसूलेगा और यदि उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को चोट पहुंची, तो वह खाड़ी देशों (UAE, कुवैत) के प्लांट्स को तबाह कर देगा।

F-15 पायलट का ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन (155 एयरक्राफ्ट)

इन धमकियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका के एक सैन्य रेस्क्यू ऑपरेशन की हो रही है। ईरान में गिरे अपने F-15 विमान के पायलटों को बचाने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी:

  • ऐतिहासिक मिशन: दूसरे पायलट (वॉर सिस्टम ऑपरेटर) को बचाने के लिए अमेरिका ने 155 एयरक्राफ्ट भेजे, जिसमें फाइटर जेट्स, बॉम्बर और रिफ्यूलिंग टैंक शामिल थे।

  • 48 घंटे का संघर्ष: वह जवान 48 घंटे तक दुश्मन की धरती पर छिपा रहा। ईरानियों को चकमा देने के लिए अमेरिकी विमानों ने दूसरी जगह पर भी चक्कर लगवाए।

  • मीडिया लीक से बढ़ा खतरा: पेंटागन के किसी अधिकारी ने यह खबर मीडिया में लीक कर दी कि एक पायलट अभी भी ईरान में फंसा है। इस चूक की वजह से ईरानी कमांडो वहां पहुंच गए और रेस्क्यू मिशन बेहद खतरनाक हो गया।

NATO: 'कागजी शेर' और सहयोगियों की बेरुखी

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि साउथ कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे करीबी देशों ने इस सैन्य अभियान में साथ देने से मना कर दिया है। इसी कारण ट्रंप ने नाटो (NATO) को एक 'कागजी शेर' करार दिया है।

The News Logic का निष्कर्ष: आने वाले कुछ घंटे पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ट्रंप अपने आक्रामक रुख पर अडिग हैं, वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।

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