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| Sanjana Jatav MP Bharatpur Winning Moments |
दोस्तों, ज़रा सोचिए... एक लड़की जो कभी सिर्फ एक आम सरकारी नौकरी पाना चाहती थी, आज वो देश की सबसे बड़ी पंचायत (संसद) में शान से बैठती है! जी हां, हम बात कर रहे हैं राजस्थान की सबसे कम उम्र की सांसद संजना जाटव की। इनकी Success Story और संघर्ष किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कौन हैं संजना जाटव?
राजस्थान के अलवर ज़िले के समूची गांव की रहने वाली संजना जाटव रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन गई हैं। 1 मई 1998 को जन्मीं संजना ने लोकसभा चुनाव से ठीक तीन दिन पहले ही अपना 26वां जन्मदिन मनाया था।
सचिन पायलट का 26 साल की उम्र में सांसद बनने का जो रिकॉर्ड था, संजना ने उस Viral रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। सबसे खास बात ये है कि जीतने के बाद भी वो बिल्कुल देसी स्टाइल में ज़मीन से जुड़ी हुई हैं और घर के बर्तन तक खुद साफ करती हैं।
संजना की शादी साल 2016 में, 12वीं पास करते ही हो गई थी। उनके पति कप्तान सिंह राजस्थान पुलिस में एक कांस्टेबल हैं।
जहाँ कई बार शादी के बाद लड़कियों के सपने टूट जाते हैं, वहीं कप्तान सिंह ने अपनी पत्नी का पूरा साथ दिया। उनके पति और ससुराल वालों ने उन्हें बहू नहीं बल्कि बेटी माना। आज संजना दो प्यारे बच्चों (6 साल का बेटा और 4 साल की बेटी) की माँ हैं और अपनी फैमिली लाइफ और पॉलिटिक्स दोनों को शानदार तरीके से मैनेज कर रही हैं।
अगर आपको लगता है कि जल्दी शादी होने से पढ़ाई रुक गई, तो आप गलत हैं। संजना ने शादी के बाद ही अपनी Graduation पूरी की।
- सरकारी नौकरी का सपना: शुरुआत में वो पति की तरह ही सरकारी नौकरी के Process में जुटी थीं।
- लॉ की पढ़ाई: उन्होंने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए LLB की डिग्री भी हासिल की है।
संजना का ये सफर आसान नहीं था। उनकी राजनीति की शुरुआत अलवर ज़िला परिषद सदस्य के तौर पर हुई थी।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया और कठूमर सीट से टिकट दिया। लेकिन वो चुनाव बेहद दर्दनाक रहा, क्योंकि संजना महज़ 409 वोट के मामूली अंतर से हार गईं।
इस हार का Impact इतना गहरा था कि सदमे के कारण उनके पिता का देहांत हो गया। ये उनके जीवन का सबसे बड़ा Shocking पल था। लेकिन जनता के प्यार ने उन्हें टूटने नहीं दिया।
CM के गढ़ में महा-जीत
पिता को खोने के बाद संजना जाटव ने भरतपुर लोकसभा सीट से हुंकार भरी। इस बार उनका मुकाबला आसान नहीं था। उन्हें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के गृह ज़िले में BJP प्रत्याशी रामस्वरूप कोली को टक्कर देनी थी।
- संजना जाटव को मिले वोट: 5,79,890।
- BJP के रामस्वरूप कोली को मिले वोट: 5,27,907।
- जीत का अंतर: संजना ने 51,983 वोटों से शानदार जीत दर्ज की।
इस जीत का Impact ये हुआ है कि संजना अब भरतपुर के जाट और गुर्जर आरक्षण के मुद्दे को संसद में उठाने की पूरी तैयारी में हैं। इसके अलावा पानी की समस्या और युवाओं के रोज़गार पर काम करना उनका मुख्य फोकस है।
जीत के बाद संजना जाटव का खुशी से डांस करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह Viral हुआ था। जब मीडिया ने उनसे इस बारे में पूछा, तो उन्होंने बहुत ही natural तरीके से कहा कि खुशी का मौका था, इसलिए डांस कर लिया। उनकी सास भी कहती हैं कि डांस तो सभी करते हैं।

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